कस्तूरबा विद्यालय के मुखिया ओम प्रकाश तिवारी से फर्जी रूप मे बगैर संविदा के ही लिया जा रहा है कार्य, किया गया लाखों रूपये के मानदेय का भुगतान


* वर्ष 2012 मे खदयान घोटाले व अनियमितता के मामले मे कार्यरत ओम प्रकाश तिवारी को हटाया गया था |
* वर्ष 2016 मे संविदा के आधार पुन: जुगाडू खेल रखा गया, वर्ष 2016-17 के लिया हुआ नवीनीकरण, संविदा समाप्ति के उपरांत नहीं हुआ नवीनीकरण|
* मुख्य राजस्व अधिकारी के रिपोर्ट मे हुआ खुलासा तीन वर्षो से अवैध रूप से लिया जा रहा है कार्य, बगैर नवीनीकरण के ही किया जा रहा है मानदेय का भुगतान|

सुलतानपुर : जनपद मे संचालित कस्तूरबा विद्ययालयो के संचालक जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत कर्मी ओमप्रकाश तिवारी को अवैध रूप से बगैर नवीनीकरण के ही तीन वर्षो रखा गया है, फर्जी तरीके से किया जा रहा है मानदेय का भुगतान जिसका खुलासा मुख्य राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट से हुआ सम्बंधित कर्मी व अधिकारी अपने को फसता देख रुकवा दी गयी जांच, शिकायत कर्ता ने जांच कराने के लिए डीएम, मुख्यमंत्री व अन्य आला अधिकारीयों से की शिकायत भर्ष्टाचार को रोकने व भर्ष्ट कर्मचारी को हटाने की मांग|
बेशिक शिक्षा विभाग मे फर्जीवाडे का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयो के देखरेख हेतु जिले पर जिला समन्वयक बालिका शिक्षा के पद पर ओमप्रकाश तिवारी को राज्य परियोजना लखनऊ स्तर से संविदा आधारित सेवा के आधार पर नियुक्त किया गया था, वर्ष 2016 मे ओम प्रकाश तिवारी को फर्जीवाडे के मामले मे हटा दिया गया था जुगाड़ मामले के आधार पर पुन: नियुक्त हो गये थे संविदा सेवा के आधार पर वर्ष2016-17 तक के लिए ही संविदा मान्य थी, किन्तु आलम ये हो चला की राज्य परियोजना लखनऊ से बगैर नवीनीकरण के आधार पर ही 3वर्षो से ही अवैध रूप से ओमप्रकाश तिवारी के द्वारा कार्य किया जा रहा है, फर्जीवाडा करके शासन द्वारा दी गयी धनराशि का दुरुपयोग करके लाखों रूपये का मानदेय भुगतान करा लिया गया है, इसी तरह कस्तूरबा विद्धयालयो फर्जीवाडा करके भुगतान किये जाने के मामले को लेकर शिकायत की गयी थी जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी सी.इंदुमती ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये मुख्य राजस्व अधिकारी को जांच सौप दी गयी थी मुख्य राजस्व अधिकारी के द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट मे तत्कालीन बी.एस.ए.से मांगा गया था जवाब जिसमे खुलासा हुआ की 3वर्षो से ओमप्रकाश तिवारी के द्वारा बगैर संविदा नवीनीकरण के ही कार्य किया जा रहा अवैध रूप से मानदेय का भुगतान किया गया है, कस्तूरबा विद्ययालयो मे फर्जीवाडा भी सामने आया जिस पर अपने को फसता देख दबाव डालकर जांच को रुकवा दिया गया, शिकायतकर्ता ने डीएम, मुख्यमंत्री व अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की ओमप्रकाश तिवारी को हटाते हुये कस्तूरबा विद्ययालयो मे हो रहे फर्जीवाडा को रोके जाने की मांग की है|
अब देखना है की योगी सरकार के आदेशों का पालन किया जाता है, या फर्जीवाडा का ही बोलबाला कायम रहता है|

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