आईपीएस अफसरों को दोषी ठहराया, कार्रवाई की सिफारिश-सीबीआई

उन्नाव रेप मामला: सीबीआई ने 1 आईएएस-2 आईपीएस अफसरों को दोषी ठहराया, कार्रवाई की सिफारिश

महिला के यौन शोषण पर महिला अफसरों ने कार्यवाही के बजाय की लापरवाही

उन्नाव रेप मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और एक आईएएस अफसर और दो आईपीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

पूर्व बीजेपी नेता कुलदीप सिंह सेंगर इस मामले में आरोपी है. घटना के वक्त आईएएस अफसर उन्नाव में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर पदस्थ थे. दो आईपीएस अफसर भी वहीं पदस्थ थे. सीबीआई ने तीनों को काम में लापरवाही का दोषी पाया है.

जांच के दौरान तीनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद सीबीआई ने सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की. इस मामले में मखी कोतवाली पुलिस स्टेशन का एसएचओ दोषी पाए जाने के बाद से जेल में है.

कुलदीप सेंगर पर नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप का आरोप

सीबीआई इसी मामले में उन्नाव (Unnao) के विधायक रह चुके कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहरा चुकी है. सीबीआई (CBI) की चार्जशीट के आधार पर सेंगर को आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है. सजा होने के कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी.

सेंगर ने साल 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप का आरोप है. जिसके बाद जांच में लापरवाही को देखते हुए मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था| युवती से रेप के मामले में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सजा के बाद भी पीड़िता ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। काेर्ट की मंजूरी के बाद मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जिसमें सीबीआई ने तत्कालीन डीएम समेत दो आईपीएस और एक पीपीएस को दोषी पाया है। तीनाें अधिकारियाें के खिलाफ सीबीआई ने कार्रवाई की सिफारिश की है।

दाेषियाें में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह और दो पूर्व एसपी नेहा पांडेय और पुष्पांजलि सिंह शामिल हैं। इसके अलावा तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। सीबीआई ने चारों अधिकारियों को मामले में लापरवाही बरतने का दोषी माना है। सीबीआई ने चारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।

 

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